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रुद्रनाथ कैसे जाए? रुद्रनाथ कहाँ स्थित है?

उत्तराखंड में भगवान शिव के पंच केदार मंदिरों में रुद्रनाथ मंदिर चतुर्थ केदार के रूप में पूजा जाता है। भगवान शिव का यह प्राचीन मंदिर उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित है। रुद्रनाथ मंदिर के अलावा भगवान शिव के बाकी पंच केदार मंदिरों में केदारनाथ प्रथम केदार के रूप में , मध्यमहेश्वर द्वितीय केदार के रूप में , तृतीय केदार के रूप में तुंगनाथ और पांचवें केदार के रूप कल्पेश्वर को पूजा जाता है।

भगवान शिव का यह मंदिर एक प्राचीन गुफा में बना हुआ है जिसमे भगवान शिव के मुख की पूजा की जाती है। यहाँ पर भगवान शिव के मुख की पूजा होने की वजह से ही उस मंदिर को रुद्रनाथ कहा जाता है। यह शिव मंदिर के चारों तरफ रोडोडेंड्रोन और अल्पाइन घास के मैदानों के बीच में बना है जो की इस मंदिर की प्राकृतिक सुंदरता को और बढ़ा देते है।

रुद्रनाथ कैसे जाए? रुद्रनाथ कहाँ स्थित है?
रुद्रनाथ कैसे जाए? रुद्रनाथ कहाँ स्थित है?

बाकी के केदार मंदिरों की तरह रुद्रनाथ मंदिर के कपाट भी साल में सिर्फ 06 महीने के लिए ही खुले रहते है। इसका कारण यह है की सर्दियों के मौसम में यहाँ पर बहुत ज्यादा बर्फ गिरती है और इसी वजह से आप सिर्फ वर्ष में सिर्फ 06 महीने ही रुद्रनाथ मंदिर के दर्शन कर सकते है।

रुद्रनाथ मंदिर समुद्रतल से 7513 फ़ीट की ऊंचाई पर स्थित है लेकिन पंच केदार में से सबसे ज्यादा कठिन और लम्बी पैदल यात्रा इसी मंदिर की है। रुद्रनाथ मंदिर तक पहुँचने के लिए आपको 20 किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी होती है। रुद्रनाथ मंदिर की पूरी यात्रा के लिए आपके पास कम से कम 2 दिन का समय होना चाहिए ताकि आप बिना किसी परेशानी के इस मंदिर की अपनी पैदल यात्रा पूरी कर सके।

रुद्रनाथ की चढ़ाई कितनी है? | How much is the climb to Rudranath

हिमालय के पहाड़ों में स्थित रुद्रनाथ मंदिर 20 किलोमीटर लम्बा ( आना जाना कुल मिलाकर 40 किलोमीटर ) एक कठिन श्रेणी का ट्रेक है। आप जब भी रुद्रनाथ मंदिर की यात्रा कार्यक्रम बनाएँ तो यह सुनिश्चित जरूर करें की आप शारीरिक रूप से सक्षम और स्वस्थ हो।

अगर आप को साँस की या किसी भी अन्य प्रकार की ऐसी बीमारी हो जिससे आपको साँस लेने में तकलीफ हो तब आप को रुद्रनाथ मंदिर की पैदल यात्रा नहीं करनी चाहिए।इस ट्रेक की लम्बाई और सीधी खड़ी चढ़ाई इस ट्रेक को और भी मुश्किल बना देते है। रुद्रनाथ मंदिर के ट्रेक दौरान आप अल्पाइन घास के मैदानों, घने जंगलो और गहरी घाटियों से होते हुए मंदिर तक पहुँचते है।

घने जंगल और गहरी घाटियाँ आप के रुद्रनाथ ट्रेक को रोचक और यादगार बनाते है। रुद्रनाथ ट्रेक बाकी के सभी केदार मंदिरों के ट्रेक से ज्यादा कठिन माना जाता है लेकिन जितना ज्यादा यह ट्रेक कठिन हो उतना ही ज्यादा आनंद आपको यह ट्रेक पूरा करने में आता है।

रुद्रनाथ ट्रेक
रुद्रनाथ ट्रेक

रुद्रनाथ मंदिर से हिमालय की प्रमुख पर्वत श्रंखलाएं जैसे – त्रिशूल, नंदा देवी और नंदा घुंटी आदि के बेहद खूबसूरत और आखों को सुकून देने वाले दृश्य दिखाई देते है। रुद्रनाथ ट्रेक के दौरान आपको स्थानीय प्रशासन के द्वारा किसी भी प्रकार की सुविधा प्रदान नहीं की जाती है। ट्रेक के दौरान रास्ते में कुछ ऐसे स्थान आते है जहाँ पर आप कुछ देर विश्राम कर सकते है और आपको नाश्ता और खाने की सुविधा भी उपलब्ध हो जाएगी।

रुद्रनाथ का तापमान और ऊंचाई? | rudranath temperature and altitude?

रुद्रनाथ मंदिर समुद्रतल से 7513 फ़ीट की ऊंचाई पर स्थित है लेकिन पंच केदार में से सबसे ज्यादा कठिन और लम्बी पैदल यात्रा इसी मंदिर की है। रुद्रनाथ मंदिर तक पहुँचने के लिए आपको 20 किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी होती है। रुद्रनाथ मंदिर की पूरी यात्रा के लिए आपके पास कम से कम 2 दिन का समय होना चाहिए ताकि आप बिना किसी परेशानी के इस मंदिर की अपनी पैदल यात्रा पूरी कर सके।

रुद्रनाथ मंदिर के कपाट भी साल में सिर्फ 06 महीने के लिए ही खुले रहते है। इसका कारण यह है की सर्दियों के मौसम में यहाँ पर बहुत ज्यादा बर्फ गिरती है और इसी वजह से आप सिर्फ वर्ष में सिर्फ 06 महीने ही रुद्रनाथ मंदिर के दर्शन कर सकते है। रुद्रनाथ का अधिकतम तापमान 10 डिग्री तक रहता है और सर्दियों में यहां अत्यधिक बर्फ गिरने के कारण यहां का तापमान -5 से माइनस 10 डिग्री तक चले जाता है।

रुद्रनाथ कैसे जाएं? | How to reach rudranath?

सड़क मार्ग से रुद्रनाथ कैसे पहुंचें? (By Road) –

रुद्रनाथ ″ – रुद्रनाथ जाने के लिए आपको सबसे पहले आपको हरिद्वार या ऋषिकेश पहुँचना होगा। जोकि राष्ट्रीय राजमार्ग NH 9 से होकर जाता है। यहां से आपको रुद्रनाथ के लिए बस, टेक्सी या प्राइवेट कार मिल जायेगी। आप चाहें तो यहाँ से प्राइवेट कार भी बुक करके भी आ सकते हैं। ऋषिकेश से रुद्रनाथ (सगर गाँव) की दूरी 215 किलोमीटर है, जोकि राष्ट्रीय राजमार्ग NH 07 से होकर जाता है। ऋषिकेश से सगर गांव की दूरी 215 किलोमीटर है। सगर गांव से ही आपको रुद्रनाथ ट्रेक की 20 किलोमीटर की यात्रा करनी होती है।

ट्रेन मार्ग से रुद्रनाथ कैसे पहुंचें? ( By Train ) –

रुद्रनाथ के सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन ऋषिकेश में स्थित है। यहां पहुँचने के बाद टैक्सी या बस की मदद से आप रुद्रनाथ पहुँच सकते हैं। जोकि रुद्रनाथ से 215 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

हवाई मार्ग से रुद्रनाथ कैसे पहुंचें? ( By Air ) –

रुद्रनाथ के लिए कोई हवाई अड्डा नहीं है, लेकिन अगर आप हवाई मार्ग से आना चाहते हो तो आप केवल जोलीग्रान्ट एयरपोर्ट (देहरादून) आ सकते है। जोलीग्रान्ट एयरपोर्ट से आप गाड़ी या बस की मदद से रुद्रनाथ बहुत आसानी से पहुँच सकते हो। आप चाहें तो ऋषिकेश से बाइक या स्कूटी रेंट पर भी ले सकते हैं।

जोलीग्रान्ट एयरपोर्ट से रुद्रनाथ की दूरी 229 किलोमीटर है, जोकि राष्ट्रीय राजमार्ग NH 07 से होकर जाता है। जोलीग्रान्ट एयरपोर्ट से रुद्रनाथ पहुचने में आपको कार से करीब 07 घंटे का समय लग जाता है।

रुद्रनाथ ट्रेकिंग यात्रा रूट मैप? | Rudranath Trekking Yatra Route Map

रुद्रनाथ ट्रेक को पूरा करने में आपको 2-3 दिन का समय लग जाता है। वैसे तो रुद्रनाथ मंदिर तक 03 पैदल मार्ग जाते है लेकिन इन तीनों मार्गों में सागर गाँव से रुद्रनाथ का ट्रैक सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है। ऋषिकेश से सबसे पहले आपको सगर गांव पहुंचना है जोकि गोपेश्वर से 3 किलोमीटर आगे मंडल वाली रोड पर स्थित है। ऋषिकेश से सगर गांव की दूरी 215 किलोमीटर है। सगर गांव से ही आपको रुद्रनाथ ट्रेक की 20 किलोमीटर की यात्रा करनी होती है।

रुद्रनाथ ट्रेक नंबर 01 – सागर गांव » लिट्टी बुग्याल » पनार बुग्याल » पितृधर » रुद्रनाथ

रुद्रनाथ ट्रेक नंबर – 02 » हेलंग » उर्गम » कल्पेश्वर » दुमक » बंसी नारायण » पनार » रुद्रनाथ

रुद्रनाथ ट्रेक नंबर 03 – मंडल गांव » अनसूया मंदिर » हंसा बुग्याल » नौला दर्रा » रुद्रनाथ

रुद्रनाथ ट्रेक के दौरान रुकने की ब्यवस्था? | accommodation during Rudranath Trek

रुद्रनाथ ट्रेक के दौरान आपके रुकने या आराम करने के लिए स्थानीय प्रशासन के द्वारा कोई विशेष व्यवस्था नहीं कि गई है। लेकिन ट्रेक के दौरान स्थानीय निवासियों द्वारा होम स्टे की सुविधा जरूर उपलब्ध करवाई जाती है। इन होम स्टे में आप मात्र कुछ रुपए देकर रात के समय में बड़े आराम से रुक सकते है और इसके अलावा यहाँ पर आपको स्थानीय भोजन की सुविधा भी मिल जाती है। 

अगर आपके पास कैंपिंग का सामान है तो आप रात के समय मे अल्पाइन घास के मैदानों में कैंपिंग भी कर सकते है। अगर आप पहली बार कैंपिंग कर रहे है तो यह गतिविधि भी आपकी यात्रा में एक अलग ही प्रकार का यादगार अनुभव जोड़ देती है। मंदिर के पास में मंदिर समिति के द्वारा श्रद्धालुओं और ट्रेकर्स के लिए आवास की सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई है। आपको होम स्टे के सुविधा सागर गाँव, ल्युति बुग्याल, पनार बुग्याल और उरगम घाटी के उपलब्ध मिल जाएगी।

रुद्रनाथ में भोजन की ब्यवस्था? | Food Arrangement in Rudranath

रुद्रनाथ ट्रेक के दौरान आपको रास्ते मे कई जगहों पर स्थानीय निवासियों द्वारा बनाये गए छोटे-छोटे भोजनालय (ढाबे) मिल जाते है जहाँ पर आप मैगी, डाल-भात, और खिचड़ी स्थानीय भोजन का आनंद ले सकते है। आप अगर अपने मित्रों के साथ या किसी ट्रैकिंग ग्रुप के साथ यह यात्रा कर रहे है तो आप अपने भोजन का सामान भी साथ मे लेकर भी जा सकते है। 

बस आपको यह सुनिश्चित करना है कि अगर आपके भोजन में किसी भी प्रकार की प्लास्टिक से संबंधित पैकेजिंग है तो आपको यात्रा की वापसी के समय प्लास्टिक से जुड़ा हुआ सारा सामान वापस लेकर आना है नहीं तो आपको बहुत भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है।

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