Digital sewa and tour and travel guide

Just another WordPress site

  1. Home
  2. /
  3. internet
  4. /
  5. Optical Fiber Cable kya hota hai?

Optical Fiber Cable kya hota hai?

Optical Fiber Cable

आप सोचते होंगे कि, आप पलक झपकते ही दुनिया के किसी भी कोने से ईमेल या सूचनाएं कैसे प्राप्त कर लेते हैं? यह केबल्स के एक नेटवर्क द्वारा संभव बनाया गया है जिन्हें, भूमि के नीचे और समुद्र के अंदर बिछाया गया है। यह केबल ऑप्टिकल फाइबर केबल (optical fiber cable) हैं, जो दुनिया का सबसे ज्यादा डाटा ले जाती हैं इनका प्रयोग चिकित्सा संबंधी उपकरणों में भी किया जाता है।

कैसे कार्य करती है यह केबल?

ऑप्टिकल फाइबर तंतुओं (fibers) से बनी होती है, और एक फाइबर तंतु इंसान के बाल जितना पतला होता है। ऑप्टिकल फाइबर प्रकाश के रूप में सूचना को ले जाती हैं। इसके कार्यक्रम को समझने के लिए प्रकाश के मूल व्यवहार को समझना जरूरी है। जब प्रकाश किसी माध्यम से होकर गुजरता है तो उसकी गति में बदलाव आता है, और गति में हुए बदलाव को रिफ्रैक्टिव इंडेक्स (Refractive index) के द्वारा व्यक्त किया जाता है। Refractive index = निर्वात में प्रकाश की गति/माद्यम में प्रकाश की गति।

प्रकाश की गति में यह विविधता एक और रोचक घटना Refrection (परावर्तन) की ओर ले जाती है। इस एक प्रयोग के माध्यम से समझा जा सकता है। जब प्रकाश को एक प्रिज्म में से होकर गुजारा जाता है तो, हम देख पाते हैं कि, वह सीधे जाने के बजाय मुड़ जाता है। इसी घटना को Refrection (परावर्तन) कहते हैं।

Refractive index –

रिफ्लेक्शन तब होता है जब, प्रकाश एक Refractive index वाले माध्यम से दूसरे Refractive index वाले माध्यम में जाता है। जब प्रकाश उच्च Refractive index (Air) वाले माध्यम से निम्न रिफ्रैक्टिव इंडेक्स Refractive index (Glass) वाले माध्यम में जाता है तो, प्रकाश सतह की ओर मुड़ जाता है। रिफ्लेक्शन के ही कारण पानी के अंदर पेंसिल मुड़ी हुई प्रतीत होती है।

ऑप्टिकल फाइबर में इस सरल रिफ्लेक्शन तकनीक का प्रभावी तरीके से प्रयोग किया जाता है। हम इसे काल्पनिक प्रयोग के जरिए समझ सकते हैं। प्रकाश को एक माध्यम से गुजारने पर जब हम उस माध्यम का रिफ्रैक्टिव इंडेक्स (refractive index) जितना बढ़ाते जाएंगे प्रकाश उतना ही सतह की ओर मुड़ता जाएगा।

एक समय के बाद प्रकाश की किरणें माध्यम की सतह से गुजर जाएगी। यदि हम Refractive index को और ज्यादा बढ़ाएं तो तब प्रकाश माध्यम के अंदर प्रतिबिंब के रूप में दिखाई देगा। इसे पोर्टल पोटली इंटरनल रिफ्लेक्शन कहते हैं। और यदि हम, Refractive index को बढ़ाने के बजाय Incident एंगल को बढ़ाएं तो टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन होगा।

यह भी पढ़ें : एज कंप्यूटिंग (Edge Computing)in hindi?

Total Internal Reflection –

इस स्थिति में एक निश्चित एंगल जो क्रिटिकल एंगल कहलाता है, पर प्रकाश माध्यम में वापस आ जाता है। टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन की घटना का प्रयोग ऑप्टिकल फाइबर केबल में प्रकाश को ट्रांसलेट करने के लिए किया जाता है।हाई रिफ्लेक्टिव इंडेक्स के साथ Eylindrical (नेत्रिका) Glass में यदि, लेजर क्रिटिकल एंगल (Laser Critical Angle) से अधिक बड़े एंगल पर पड़ती है तो, टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन (Total internal reflection) होगा और, प्रकाश दूसरे सिरे पर पहुंच जाएगा। इसका मतलब प्रकाश की लंबी दूरी तक ऑप्टिकल फाइबर में कैद करके रखा जा सकता है। भले ही फाइबर का रूप कितना भी जटिल क्यों ना हो। टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन (Total internal Reflection) HRI (Glass) और LRI (Air) के बीच होता है।

Cladding –

लेकिन ऑप्टिकल फाइबर पर एक सुरक्षा परत की जरूरत होती है। सुरक्षा सामग्री को लगाने पर यह हवा का स्थान ले ले लेती है और, टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन को रोकती है। इस समस्या के समाधान का एक आसान रास्ता Core Glass के ऊपर Low Reflective Glass लगाना है। जिसे “Cladding” कहा जाता है। इस तरह Total internal Reflection होता है और, साथ ही हम सुरक्षा शब्दों का प्रयोग कर पाते हैं और और Cladding दोनों की मूल सामग्री में सिलिका (silica) का प्रयोग होता है।

Amplifier –

अगर ऑप्टिकल फाइबर में एंपलीफायर (Amplifier)का प्रयोग ना किया जाए तो, ऑप्टिकल फाइबर 100 किलोमीटर से अधिक दूरी तक सिगनल्स को नहीं ले जा पाएगा। यह केबल्स में सिग्नल के क्षीण होने के कारण होता है। सिगनल्स का अवशोषण वह बिखरना इसके क्षीण होने की का मुख्य कारण है। इसलिए केवल समय निश्चित दूरी के बाद एंपलीफायर का प्रयोग किया जाता है। यह सिग्नल की स्ट्रैंथ को बढ़ाते हैं, वह इन्हें लंबी दूरी तक भेजना संभव बनाते हैं।

केबल नेटवर्क के मालिक –

इन कबलेस को को भूमि के अंदर वह समुद्र के नीचे बिछाया गया है। मुख्य रूप से मोबाइल सेवा प्रदाता इन भूमिगत केबल्स का रखरखाव करते हैं। AT&T, Orange, Google और Varizon उन वैश्विक कंपनियों में से हैं, जो समुद्र के नीचे के केबल नेटवर्क के मालिक हैं।

समुद्र के भीतर की केबल्स के एंपलीफायर (Amplifier) को ऊर्जा प्रदान करने के लिए इनमें तांबे का उपयोग किया जाता है। जो कि विद्युत ऊर्जा पैदा करता है ताकि, एंपलीफायर (Amplifier)को ऊर्जा मिल सके।

अतः यदि ऑप्टिकल फाइबर केबल में किसी हिस्से में नहीं पहुंचेगा तो, वह हिस्सा इंटरनेट या मोबाइल संचार व्यवस्था से अलग-थलग पड़ जाएगा। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि, ऑप्टिकल केबल का प्रयोग दूरसंचार के क्षेत्र से बहुत पहले सर्वप्रथम इंडस कॉपी में किया गया था डिजिटल पर्पस को ऑफ रिकॉल केबल के जरिए ट्रांसफर किया जाता है लेकिन एंडोस्कोपी केबल्स में एनालॉग रूप में रहने वाले Visual सिगनल्स को दूसरे सिरे पर ट्रांसमिट (Transmit) किया जाता है।

यह भी पढ़ें : ई श्रम-कार्ड के फ़ायदे नुक्सान

Leave a Reply

Your email address will not be published.