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मुनस्यारी कैसे जाएं? | मुनस्यारी कहाँ स्थित है?

मुनस्यारी, पिथौरागढ़ – मुनस्‍यारी एक खूबसूरत पर्वतीय स्थल है। यह नेपाल और तिब्बत की सीमाओं के समीप है। मुनस्‍यारी चारो ओर से पर्वतो से घिरा हुआ है। मुनस्‍यारी के सामने विशाल हिमालय पर्वत श्रंखला का विश्‍व प्रसिद्ध पंचचूली पर्वत (हिमालय की पांच चोटियां) जिसे किवदंतियो के अनुसार पांडवों के स्‍वर्गारोहण का प्रतीक माना जाता है, बाई तरफ नन्‍दा देवी और त्रिशूल पर्वत, दाई तरफ डानाधार जो एक खूबसूरत पिकनिक स्‍पॉट भी है और पीछे की ओर खलिया टॉप है।

मुनस्यारी कैसे जाएं? मुनस्यारी कहाँ स्थित है?
मुनस्यारी कैसे जाएं? मुनस्यारी कहाँ स्थित है?

काठगोदाम, हल्‍द्वानी रेलवे स्‍टेशन से मुनस्‍यारी की दूरी लगभग 295 किलोमीटर है और नैनीताल से 265 किलोमीटर है। काठगोदाम से मुनस्‍यारी की यात्रा बस अथवा टैक्‍सी के माध्‍यम से की जा सकती है और रास्‍ते में कई खूबसूरत स्‍थल भी आपको देखने के लिए मिल जाएंगे।

मुनस्यारी कहाँ स्थित है? । where is Munsiyari located

मुनस्यारी पर्यटन स्थल भारत के उत्तराखंड राज्य के पिथौरागढ़ जिले में स्थित बेहद खूबसूरत हिल्स स्टेशन हैं जोकि पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता हैं। मुनस्यारी भारत, नेपाल और तिब्बत की सीमाओं से लगा हुआ क्षेत्र है जोकि चारों तरफ से पहाड़ों से घिरा हुआ है।

मुनस्यारी इतनी सुन्दर जगह है कि इसे उत्तराखंड के ‘छोटे कश्मीर’ के नाम से भी जाना जाता है। मुनस्यारी बर्फ से ढके पहाड़ों का सुन्दर पर्वतीय स्थल है जोकि पिथौरागढ़ जिले में सबसे तेजी से बढ़ते पर्यटन स्थलों में से एक बन गया है। मुनस्यारी अपनी कुदरती प्राकृतिक सौन्दर्यता के कारण बहुत लोकप्रिय स्थान बन गया है।

मुनस्यारी का तापमान और ऊंचाई? । Munsiyari temperature and altitude

मुनस्यारी मन्दिर समुद्र तल से 7217 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। गर्मियों के समय में मुनस्यारी का तापमान 30 डिग्री तक चले जाता है वहीं सर्दियों में यह -12 डिग्री तक रहता है। टनकपुर से 274 किलोमीटर की दूरी पर ही मुनस्यारी पड़ता है।

मुनस्यारी कैसे जाएं? । how to reach Munsiyari

सड़क मार्ग से मुनस्यारी कैसे पहुंचें? (By Road) –

मुनस्यारी″ – दोस्तों मुनस्यारी का नजदीकी रेलवे स्टेशन टनकपुर है इसका सीधा सा मतलब है कि आगे की यात्रा आपको टनकपुर से ही करनी है।। जो कि मुनस्यारी से टनकपुर तक यह राष्ट्रीय राजमार्ग 09 से होकर गुजरता है। जिसमें कि आपको लगभग 08 घंटा 30 मिनट का समय लग जाता है। टनकपुर से आप बस की मदद से या प्राइवेट कार के मदद से मुंसियारी तक का सफर कर सकते हैं।

ट्रेन मार्ग से मुनस्यारी कैसे पहुंचें? ( By Train ) –

मुनस्यारी का सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन टनकपुर में स्थित है। टनकपुर से मुनस्यारी के बीच की दूरी 274 किलोमीटर है। टनकपुर पहुँचने के बाद बस ,टैक्सी या प्राइवेट कार से आप मुनस्यारी पहुँच सकते हैं।

हवाई मार्ग से मुनस्यारी कैसे पहुंचें? ( By Air ) –

मुनस्यारी का नजदीकी पंतनगर एयरपोर्ट है। पंतनगर एयरपोर्ट से मुनस्यारी की दूरी अल्मोड़ा-बागेश्वर होते हुए 310 किलोमीटर है अगर आप वही पंतनगर एयरपोर्ट से नेशनल हाईवे 09 से जाते हैं तो वहां से मुनस्यारी की दूरी 371 किलोमीटर है तो आप दोनों रास्तों में से किसी भी रास्ते से जा सकते हैं।

मुनस्यारी क्यों प्रसिद्ध है? । Munsiyari is famous for

मुनस्यारी में घुमने के प्रमुख स्थान –

पंचाचूली चोटी | Panchachuli Peak

मुनस्यारी के प्रमुख पर्यटक स्थलों में से एक पंचाचूली चोटी है जोकि पांच शिखरों से मिलकर बनी हुई है। जोहार घाटी की यह आकर्षक चोटी पिथौरागढ़ जिले की शान है। पर्यटकों को बर्फ से ढकी ये चोटी पौराणिक कथाओं की जानकारी प्रदान करने वाली है। इस पंचाचूली घाटी की सबसे पहले चढ़ाई इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस की एक टीम ने सन 1972 में हुकम सिंह के नेतृत्व में की थी।

पंचाचूली चोटी | Panchachuli Peak
पंचाचूली चोटी | Panchachuli Peak

माहेश्वरी कुंड | Maheshwari Kund

माहेश्वरी कुण्ड मुनस्यारी के खूबसूरत पर्यटन स्थलों में शामिल है जोकि बहुत आकर्षक तालाब है। यह तालाब मुनस्यारी से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर मदकोट रोड पर स्थित है। माहेश्वरी कुण्ड के साथ-साथ एक बहुत ही प्राचीन पौराणिक कथा जुडी हुई है। ऐसा कहा जाता है कि इस स्थान पर एक यक्ष रहते थे और उन्हें गाँव के सरपंच की लड़की से प्रेम हो गया था। परन्तु गाँव वालों ने उनकी शादी नही होने दी तो यक्ष ने क्रोध में आकार गाँव में सूखा पड़ने का श्राप दे दिया। कई वर्षों तक गाँव को सूखे का सामना करना पड़ा तब गाँव वासियों ने यक्ष से माफ़ी मांगी तब सूखा ख़त्म हुआ।

माहेश्वरी कुंड | Maheshwari Kund
माहेश्वरी कुंड | Maheshwari Kund

नंदा देवी मंदिर | Nanda Devi Temple

मुनस्यारी के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से एक नंदा देवी मंदिर मुनस्यारी से 3 किलोमीटर की दूरी पर मदकोट रोड पर स्थित है। यह मंदिर 1000 वर्षों से भी अधिक पुराना है जोकि अपनी अनुपम संरचना और सुन्दर कुमाउनी वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है। इस स्थान पर नंदा देवी मेला हर साल अगस्त के महीने में आयोजित किया जाता है। इस मेले की शुरुआत 16 वीं शताब्दी में हुई थी जोकि आज तक कायम है। नंदा देवी मंदिर में देशी और विदेशी पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है और हर पर्यटक यहाँ से अनौखी यादों को अपने साथ ले जाते हैं।

नंदा देवी मंदिर | Nanda Devi Temple
नंदा देवी मंदिर | Nanda Devi Temple

थमरी कुण्ड | Thamri Kund

मुनस्यारी से 10 किलोमीटर दूर स्थित थमरी कुण्ड बहुत ही सुन्दर तालाब है। यह स्थान धार्मिक महत्त्व भी रखता है। जब बारिश कम होती है तो यहाँ के लोग इस कुण्ड पर जाकर बारिश के लिए पूजा-अर्चना करते है। इस स्थान पर अल्पाइन और कागज़ के पेड़ बहुत मात्रा में मिलते है और कई कस्तूरी मृग भी इस जगह पर देखने को मिलते है। पर्यटकों के लिए यह स्थान बाकई देखने योग्य है।

थमरी कुण्ड | Thamri Kund
थमरी कुण्ड | Thamri Kund

आदिवासी विरासत संग्रहालय मुनस्यारी | Tribal Heritage Museum Munsyari

मुनस्यारी से 2 किलोमीटर दूर स्थित नन्सैन्न गाँव के सुरेंदर सिंह के घर में स्थित आदिवासी विरासत संग्रहालय मुनस्यारी के प्रमुख पर्यटक स्थलों में से एक है। मुनस्यारी आदिवासिओं का इलाका रहा है और भोटिया जनजाति के लोग मुनस्यारी में अधिक मात्रा में रहते थे। वे अपनी विरासत को बहुत संभाल कर रखते थे और इसी वजह से मुनस्यारी में आदिवासी विरासत संग्रहालय बनाया गया। पर्यटकों को यह संग्रहालय आदिवासियों की जीवन शैली से अवगत कराने वाला है।

आदिवासी विरासत संग्रहालय मुनस्यारी | Tribal Heritage Museum Munsyari
आदिवासी विरासत संग्रहालय मुनस्यारी | Tribal Heritage Museum Munsyari

कालामुनी मंदिर | Kalamuni Temple

कालामुनी मंदिर मुनस्यारी से 15 किलोमीटर दूर स्थित देवी कालिका का मंदिर है जिसमे नाग भगवान की उपस्थिति भी है। यह मंदिर पर्यटकों को धार्मिक रूप से मोहित करता है। देवी कालिका के साथ-साथ इस मंदिर में कालामुनी बाबा की मूर्ति भी स्थापित है। यह मंदिर मन को शांति प्रदान करने वाला है जोकि समुद्र तल से लगभग 9500 फीट की ऊँचाई पर स्थित है।

कालामुनी मंदिर | Kalamuni Temple
कालामुनी मंदिर | Kalamuni Temple

बैतूली धार | Betulidhar

बैतूली धार मुनस्यारी के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से एक है जोकि 9000 फीट की ऊँचाई पर स्थित है। यह स्थान बलति और बालम ग्लेशियरों से ढंके बर्फ के कारण प्रसिद्ध है। सूर्योदय और सूर्यास्त “Munsiyari Sunrise And Sunset Point” के समय यहाँ का नजारा बहुत ही आकर्षक लगता है। पर्यटकों को मुनस्यारी की यात्रा के दौरान इस स्थान पर जरूर आना चाहिए।

बैतूली धार | Betulidhar
बैतूली धार | Betulidhar

गोरी गंगा नदी | Gori Ganga River

मुनस्यारी के प्रमुख लोकप्रिय स्थानों में गोरी गंगा नदी का स्थान भी प्रमुख है। गोरी गंगा नदी का सफ़ेद पानी पर्यटकों के लिए राफ्टिंग का सबसे अच्छा स्थान है। यह पवित्र नदी राफ्टिंग के लिए ही प्रसिद्ध है। यह स्थान पर्यटकों को सहज ही अपनी और आकर्षित करता है।

गोरी गंगा नदी | Gori Ganga River
गोरी गंगा नदी | Gori Ganga River

दरकोट गाँव | Darkot Village

मुनस्यारी से 6 किलोमीटर दूर स्थित दरकोट एक गाँव है जोकि खरीदारी के लिए बहुत लोकप्रिय है। दुकानदारों के लिए यह स्थान स्वर्ग के सामान है। इस गाँव में मिलने वाले पश्मीना शॉल और भेड़ के ऊन से बने कम्बल बहुत प्रसिद्ध है। पर्यटकों के लिए यह स्थान मुनस्यारी के आसपास के शिल्पकारों की कलाओं का प्रदर्शन दिखाने वाला है।

दरकोट गाँव | Darkot Village
दरकोट गाँव | Darkot Village

बिरथी फाल्स | Birthi Falls

बिरथी फाल मुनस्यारी से 35 किलोमीटर दूर स्थित बहुत ही शानदार जगह है। बिरथी फाल एक झरना है और इस झरने तक कालामुनी दर्रे से एक छोटी सी ट्रेकिंग यात्रा करते हुए आसानी से पहुंचा जा सकता है। बिरथी फाल मुनस्यारी रोड पर स्थित घने जंगलों से सुशोभित वाटरफॉल है। इस मनोरम दृश्य की छटा को देखने के लिए दूर-दूर से देशी और विदेशी पर्यटक हर साल आते है झरने का लुत्फ़ उठाते हैं।

बिरथी फाल्स | Birthi Falls
बिरथी फाल्स | Birthi Falls

मुनस्यारी किस जिले में स्थित है?

मुनस्यारी पिथौरागढ़ जिले में स्थित है।

मुनस्यारी का निकटतम हवाई अड्डा कौन सा है?

केदारनाथ धाम का निकटतम हवाई अड्डा पंतनगर (पिथौरागढ़) में स्थित है।

मुनस्यारी का निकटतम रेल्वे स्टेसन कौन सा है?

मुनस्यारी का निकटतम रेल्वे स्टेसन टनकपुर है।

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