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केदारनाथ यात्रा गाइड संपूर्ण जानकारी

केदारनाथ यात्रा – केदारनाथ, जो कि काफी प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है, उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित है। अगर आप भी केदारनाथ दर्शन की योजना बना रहे हैं तो ये जानकारी आपके लिए बहुत लाभकारी होगी। हम आपको बताएंगे कि किस प्रकार से केदारनाथ जाया जाए, वहां रुकने की व्यवस्था किस प्रकार होती है और आस पास अन्य कौन कौन सी जगह है जहां आप घूम सकते हैं और इन सभी चीजों का कितना खर्चा आएगा।

साथ ही अगर आप पैदल यात्रा नहीं करना चाहते हैं तो यहां पर हेलीकॉप्टर की सुविधा भी उपलब्ध है और उसका खर्चा कितना आयेगा, टाइमिंग क्या होगी और कहां से मिलेगा, ये भी आपको जानने को मिलेगा। ये सब बातें जानकर आप केदारनाथ जाने की एक परफेक्ट प्लानिंग कर सकते हैं।

केदारनाथ यात्रा
केदारनाथ यात्रा गाइड

केदारनाथ यात्रा गाइड –

केदारनाथ कैसे पहुंचे?

सबसे पहले अगर बात करें बाय ट्रेन केदारनाथ पहुंचने की तो इसमें आपके पास 3 ऑप्शंस हैं हरिद्वार रेलवे स्टेशन, देहरादून रेलवे स्टेशन और ऋषिकेश रेलवे स्टेशन। अगर आप ऋषिकेश रेलवे स्टेशन आते हैं तो औरों के मुकाबले आपको सफर लगभग 30 किलोमीटर कम पड़ जाएगा, पर ऋषिकेश तक सारी ट्रेंस नहीं जाती हैं। जबकि देहरादून या हरिद्वार आने पर आपको सफर लगभग समान पड़ेगा और यहां पर लगभग सभी स्थानों से ट्रेंस उपलब्ध हो जाती हैं। आप अपने हिसाब से कोई भी स्टेशन चुन सकते हैं।

ट्रेन से कैसे पहुचें?

केदारनाथ के लिए ट्रेन का सफर बस देहरादून, ऋषिकेश और हरिद्वार तक ही संभव है। आगे का सफर आपको बस से तय करना होगा। केदारनाथ पहुंचने के लिए सबसे पहले आपको सोनप्रयाग पहुंचना होगा। सोनप्रयाग के लिए आपको देहरादून, ऋषिकेश और हरिद्वार, तीनों जगहों से बस उपलब्ध हो जाएगी। आपको बता दें कि देहरादून से सोनप्रयाग की दूरी लगभग 250 किलोमीटर, हरिद्वार से सोनप्रयाग की दूरी 230 किलोमीटर, और ऋषिकेश से सोनप्रयाग की दूरी लगभग 210 किलोमीटर है।

फ्लाइट से कैसे पहुँच सकते हैं?

साथ ही अगर आप फ्लाइट से आते हैं तो फ्लाइट की सुविधा देहरादून तक ही संभव है। आपके जिस भी राज्य से फ्लाईट देहरादून के लिए उपलब्ध है तो आप देहरादून एयरपोर्ट पहुंच सकते हैं। अन्यथा देहरादून तक डायरेक्ट फ्लाईट न होने की स्थिति में आप फल दिल्ली पहुंच कर फिर वहां से देहरादून तक की फ्लाईट के सकते हैं। देहरादून एयरपोर्ट से आगे का सफर भी आपको बस से ही करना होगा।

अब बात करते हैं इन तीनों जगहों से बस की टाइमिंग की तो आपको देहराद्न, ऋषिकेश और हरिद्वार तीनों जगहों से सोनप्रयाग के लिए बहुत आसानी से बस उपलब्ध हो जाएगी। यहां पर आपको सुबह 5 बजे से शाम के 6-7 बजे तक बस मिल जायेगी।

केदारनाथ जाने का बेस्ट सीजन कौन सा रहेगा?

केदारनाथ जाने का बेस्ट सीजन कौन सा रहेगा ?
केदारनाथ जाने का बेस्ट सीजन कौन सा रहेगा ?

जैसा कि आपको पता होगा कि केदारनाथ के कपाट साल में लगभग 6-7 महीने ही श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खुले रहते हैं। मई के महीने में अक्षय तृतीया के दिन केदारनाथ मंदिर के कपाट खोले जाते हैं और अक्टूबर – नवंबर में कार्तिक पूर्णिमा को यहां के कपाट बंद कर दिए जाते हैं।

अगर आप भीड़ भाड़ से बचना चाहते हैं तो सितंबर-अक्टूबर केदारनाथ जाने का सही समय होगा। इस समय यहां पर थोड़ी ठंड होती है। साथ ही इस समय खाने और रहने का कॉस्ट भी सीज़न के कॉस्ट के मुकाबले कम होता है। मई जून के समय यहां पर बहुत ज्यादा भीड़ होती है।और जुलाई और अगस्त के समय यहां कभी भी वर्षा हो जाती है तो इससे आपकी यात्रा में बाधा आ सकती है।

बस का टिकट कैसे लें?

आप सोच रहे होंगे कि आप बस की टिकट कैसे लें ऑनलाइन या फिर ऑफलाइन और कहां से। अगर हरिद्वार की बात करें तो हरिद्वार रेलवे स्टेशन के बाहर आपको बहुत से एजेंट्स मिल जायेंगे, यहां पर बहुत सारे ट्रैवल एजेंसी हैं जहां से आप बस की टिकट ले सकते हैं। साथ ही रेलवे स्टेशन से कुछ दूरी पर बस स्टैंड भी है जहां से आप सोनप्रयाग तक बस की टिकट ले सकते हैं इसी तरह से आपको ऋषिकेश और देहरादून में भी आपको ऑफलाइन टिकट मिल जायेगी।

पहाड़ों में बस के सफर में कई लोगों को यह दिक्कत आती है कि अगर उनको पीछे की या बीच की सीट मिलती है तो वोमिटिंग या सरदर्द जैसी समस्या हो जाती है। और आगे की सीट का विकल्प आपको ऑफलाइन टिकट के जरिए मिलना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। इसका समाधान ये हो सकता है कि आप पहले ही ऑनलाइन टिकट की बुकिंग करवा कर अपनी पसंद की सीट ले सकते हैं। ऑनलाइन बुकिंग में आपको टिकट की कॉस्ट थोड़ा ज्यादा पड़ेगी पर आपको अपनी पसंद की सीट मिल जायेगी।

यदि बात करें सोनप्रयाग तक बस के किराए की तो अगर आप काउंटर से ऑफलाइन टिकट लेते हैं तो यह आपको लगभग 350 रुपए प्रति व्यक्ति पड़ेगा। यहीं अगर आप टिकट आनलाइन बुक करते हैं तो ये आपको लगभग 500 रूपए प्रति व्यक्ति पड़ेगा। ये किराया सिटिंग सीट्स वाली बस का है। इसके साथ ही कुछ पुश बैक सीट्स वाली बस भी चलती हैं जिनके ऑफलाइन टिकट का कॉस्ट 500 रूपए प्रति व्यक्ति तक होता है।

जबकि इसके ऑनलाइन टिकट का कॉस्ट 700-750 रूपए प्रति व्यक्ति तक होता है। ऋषिकेश, देहरादून या हरिद्वार कहीं से भी कोई स्लीपर बस नहीं चलती है। साथ ही यहां का एक ट्रस्ट है जिसका नाम है गड़वाल मंडल विकास निगम (GMVN), इसकी ऑफिशल वेबसाईट से भी आप अपनी बस की टिकट की ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं।

सोनप्रयाग तक का सफ़र पूरा करने में आपको लगभग 8-9 घण्टे का समय लग जायेगा। आप सोनप्रयाग तक अपनी प्राइवेट गाड़ी से भी आ सकते हैं पर आपको बता दें कि सोनप्रयाग के आगे किसी भी प्रकार की प्राइवेट गाड़ी को आगे जाने नहीं दिया जाता है। यहां पर आपको पार्किंग व्यवस्था मिल जायेगी जहां पर आप अपनी गाड़ी पार्क कर सकते हैं। यहां 24 घंटे पार्किंग का किराया 50 रुपए तक है।

सोनप्रयाग में कहां ठहरें?

यदि आपको 8-9 घण्टे का सफ़र तय कर सोनप्रयाग पहुंचते हुए रात हो जाती है या आप वहीं ठहरना चाहते हैं तो आपको यहां पर रुकने की पूरी व्यव्स्था मिल जायेगी। अगर आप ऑफ सीज़न में यहां आते हैं तो आपको यहां पर रूम का किराया 800- 1000 रुपए तक मिल जाएगा। और अगर वहीं आप मई या जून में जाते हैं तो एक रूम का किराया आपको लगभग 3000-4000 तक पड़ेगा। अगर आप रूम नहीं लेना चाहते हैं तो आपके पास दूसरा ऑप्शन है डॉरमेट्री।

सोनप्रयाग में बहुत सी डॉरमेट्री हैं, जो कि 350 रूपए तक प्रति व्यक्ति चार्ज करते हैं। इसके साथ ही यहां रहने का तीसरा विकल्प भी है जो की है हॉल। यहां पर आपको रहने की उचित व्यवस्था मिल जायेगी, और ये लगभग आपको 100 रुपए प्रति व्यक्ति में हॉल में रहने को मिल जायेगा। यहां आप अपना सामान क्लॉक रूम में बने लॉकर्स में रख सकते हैं।

सोनप्रयाग से आगे का सफर कैसा रहेगा?

सोनप्रयाग से केदारनाथ पहुंचने के सफर में आपको पहले सोनप्रयाग से गौरीकुंड पहुंचना होगा। सोनप्रयाग से गौरीकुंड की दूरी लगभग 5 किलोमीटर है। इस यात्रा में सोनप्रयाग से आपको 2 विकल्प मिलेंगे। पहला तो ये की अगर आप केदारनाथ मंदिर तक की दूरी खच्चर पर बैठ कर तय करना चाहते हैं तो आपको सोनप्रयाग से ही खच्चर मिल जायेगा जिसका कॉस्ट आपको 2500 रुपए प्रति व्यक्ति का पड़ेगा। तो अगर आप ट्रेकिंग नहीं करना चाहते तो आप एक खच्चर हायर कर सकते हैं।

दूसरा विकल्प है प्राइवेट टैक्सी। जैसा कि आपको पहले ही बताया गया था की सोनप्रयाग से आगे किसी भी प्रकार की बस या प्राइवेट गाड़ी नहीं चलती। यहां से गौरीकुंड तक की दूरी तय करने के लिए आपको सूमो या बोलेरो मिल जायेगी। ये आपको सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक पहुंचाने का किराया 30 रूपए प्रति व्यक्ति लेते हैं।

गौरीकुंड से केदारनाथ जाने के लिए भी खच्चर की व्यवस्था रहती है, यहां से इसका किराया 2300 रूपए तक पड़ जाएगा। साथ ही गौरीकुंड से आपको पिट्ठू भी मिल जाता है जिसका किराया 5000-6000 रुपए तक होता है। और पहली यात्रा में आपको लाठी का सहारा भी लेना पड़ सकता है जो की आपको यही पर लगभग 30 रुपए में मिल जायेगी।

फाटा से हेलीकॉप्टर द्वारा केदारनाथ यात्रा

दूसरी तरफ यदि आप पैदल या खच्चर वगेरह से यात्रा नहीं करना चाहते हैं तो आपको केदारनाथ यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सेवा भी मिल जायेगी। इसके लिए आपको सोनप्रयाग जाने की आवश्यकता नहीं है। सोनप्रयाग से 15 किलोमीटर पहले फाटा नामक एक स्थान है जहां पर हेलीपैड मौजूद है। आप यहीं पर काउंटर से अपना टिकट बुक करवा सकते हैं। हेलीकॉप्टर के टिकट का कॉस्ट लगभग 5000-6000 रूपए प्रति व्यक्ति के केदारनाथ जाने और वहां दर्शन करके वापस आने का पड़ता है। आप टिकट की ऑनलाइन बुकिंग ऑफिशियल वेबसाइट pawanhans.co.in से भी करवा सकते हैं।

केदारनाथ पैदल यात्रा

अगर आप सोनप्रयाग से गौरीकुंड के लिए रवाना होते हैं तो बेहतर होगा कि आप सुबह जल्दी यहां से निकल जाए। गौरीकुंड से केदारनाथ की दूरी लगभग 16-18 किलोमीटर है जिसे पैदल तय करने में आपको 4-6 घण्टे लग जायेंगे। गौरीकुंड पहुंचते ही आपको वहां पर गौरी माता का मंदिर देखने को मिलेगा जहां आप गौरी माता के दर्शन भी कर सकते हैं। इसके बाद यहां आपको नाश्ते और लंच की व्यव्स्था भी मिल जायेगी।

गौरीकुंड से केदारनाथ पैदल यात्रा के दौरान आपको रास्ते में कई सुंदर प्राकृतिक नजारे, जैसे मंदाकिनी नदी, झरने, ग्लेशियर्स, बर्फ से ढके पहाड़, आदि देखने को मिलेंगे। अगर आप भी फोटोशूट के शौकीन हैं तो यह जगह फोटोशूट करने के लिए परफेक्ट होगी। यहां भी आपको बीच बीच में चाय नाश्ते के बहुत सारे स्टॉल मिलेंगे। इसके साथ ही रास्ते में आपको वाशरूम और फर्स्ट एड सेंटर्स भी मिलेंगे। गौरीकुंड से केदारनाथ पहुंचने का समय आपके ऊपर डिपेंड करता है। अगर आप कम जगह रुककर सामान्य रूप से चलते हैं तो आपकी यात्रा 6-8 घंटे में पूरी हो जाएगी।

केदारनाथ मंदिर के पास ठहरने की व्यवस्था?

केदारनाथ मंदिर से लगभग एक किलोमीटर पहले पुलिस बेस कैंप पड़ता है। यदि आपको पहुंचते हुए शाम हो जाती है तो आप यहां रात्रि विश्राम और भोजन कर सकते हैं। यहां पर GMVN का गेस्ट हाउस है, जहां पर भी आप ठहर सकते हैं। यहां पर भी आपको रुकने के 3 ऑप्शंस मिल जायेगे। पहला ऑप्शन है कि बेस कैंप में बहुत से टेंट आपको मिल जाएंगे, जिसमे 10 लोग एक बार में रह सकते हैं, और 300 रूपए प्रति व्यक्ति तक इसका चार्ज होता है।

दूसरा ऑप्शन है हट जिसमे कम्बाइंड बेड लगे होते हैं जो कि 2 बेड या 3 बेड के होते हैं। इस हट का कॉस्ट 750 रुपए प्रति व्यक्ति तक होता है। तीसरा ऑप्शन है हट हाउस, जिसमे आप अपनी पूरी फैमिली के साथ रह सकते हैं। इसका किराया लगभग 1000 रुपए प्रति व्यक्ति पड़ेगा। आपको बता दें कि सीज़न के समय रहने की जगह मिलने ने थोड़ी दिक्कत आ सकती है। तो आप GMVN की ऑफिशियल वेबसाइट gmvnonline.com से हट, टेंट या हट हाउस की ऑनलाइन बुकिंग भी कर सकते हैं।

केदारनाथ बेस कैम्प में खाने की व्यवस्था कैसे होगी ?

केदरनाथ बेस कैंप में खाने का कॉस्ट थोड़ा ज्यादा होता है। अगर बात करें खाने की तो यहां नाश्ते का 100 रुपए व लंच और डिनर में थाली की कॉस्ट 200 रूपए तक होता है। यहां आपको काफ़ी स्वादिष्ट खाना खाने को मिल जायेगा। GMVN का भी यहां पर अन्नपूर्णा रेस्टुरेंट नाम से एक भोजनालय है।

केदारनाथ मंदिर के दर्शन कैसे होंगे?

बेस कैंप पहुंचने पर आप फ्रेश होने के बाद केदरनाथ मंदिर के दर्शन के लिए निकल सकते हैं। अगर आपको शिव के ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने हैं तो आपको शाम 5 बजे से पहले ही मंदिर में पहुंचना होगा, क्योंकि शाम 5 बजे के बाद आपको दूर से ही दर्शन करवाए जाते हैं। मंदिर में सुबह और शाम दोनों समय 6 बजे आरती की जाती है।

जहां ऑन सीजन में मंदिर तक काफी लम्बी लाइन लगी होती है जिसमे दर्शन करने में 4 से 5 घण्टे तक का समय लग जाता है। वहीं ऑफ सीज़न में 1 घण्टे के अंदर ही मंदिर में आपको दर्शन करने का मौका मिल जायेगा। यहां पर मंदिर के प्रसाद का रेट भी 3 प्रकार से होता है 100, 200 और 300 रुपए। तो आप अपने हिसाब से भगवान के दर्शन के बाद यहां प्रसाद ले सकते हैं।

मंदिर के पीछे की तरफ आपको यहां एक बड़ी शिला देखने को मिलेगी। ये शिला 2013 में आयी आपदा के समय मंदिर के पीछे आकर रुक गई थी। इस शिला के आने से पानी का बहाव 2 हिस्सों में बंट गया था, जिससे मंदिर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। तभी से यहां पर इस शिला को भी पूजा जाता है।

केदारनाथ में और कहां-कहां घूमें?

केदारनाथ मंदिर से लगभग आधा किलोमीटर की दूरी पर भैरव मंदिर स्थित है, जहां के आप दर्शन कर सकते हैं।
दूसरी जगह है वासुकी ताल। केदारनाथ से वासुकी ताल की दूरी लगभग 6-7 किलोमीटर की है। तो आप ट्रेक के माध्यम से वहां भी घूमने जा सकते हैं। इसमें काफ़ी समय लग जाता है इसके लिए आपको बेस कैंप में एक दिन और ठहरना पड़ेगा। तीसरा स्थान है गांधी सरोवर जिसकी दूरी केदरानाथ मन्दिर से लगभग 3 किलोमीटर है। यहां का दृश्य काफी सुन्दर होता है।

केदारनाथ यात्रा पर कुल खर्चा कितना होगा?

केदारनाथ की पूरी यात्रा के लिए आपको कम से कम 4 दिन का स्टे लेना पड़ेगा तभी आपकी यात्रा पूरी हो पाएगी। तो हरिद्वार, देहरादून या ऋषिकेश से केदारनाथ की पूरी यात्रा में आने जाने में आने वाले खर्चे को भी हम 3 तरह से देख सकते हैं। पहला तो अगर आप पैदल गौरीकुंड से केदारनाथ यात्रा करते हैं तो ऑफ सीज़न में आपका खर्चा 3000 रुपए प्रति व्यक्ति तक लग जायेगा। वहीं ऑन सीजन में ये खर्चा 5000 रुपए तक पहुंच सकता है।

दूसरा यदि आप घोड़े या खच्चर हायर करते हैं तो इसमें आपका खर्चा ऑफ सीज़न में लगभग 7000 रुपए प्रति व्यक्ति तक होगा। तीसरा बात करें हेलीकॉप्टर सेवा की तो इसमें आपका खर्चा 10,000 रुपए प्रति व्यक्ति तक होगा। आपको केदारनाथ की पूरी जानकारी प्राप्त हो गई होगी तो इस प्रकार आप अपनी केदारनाथ यात्रा प्लान कर सकते हैं।

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