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स्वर्ण मंदिर (हरिमन्दिर साहिब) यात्रा संपूर्ण जानकारी

स्वर्ण मंदिर (Golden Temple) यात्रा – अमृतसर का स्वर्ण मंदिर यानी गोल्डन टेंपल सिक्खों का सबसे प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है। यह तो यकीन के साथ कहा जा सकता है कि स्वर्ण मंदिर एक न एक बार जाने का दिल तो सबका ही करता होगा। तो हम आपको पूरी जानकारी देंगे कि किस प्रकार से स्वर्ण मंदिर जाया जाए, कितने दिन का ट्रिप प्लान करना चाहिए, कितना बजट बनेगा, वहां रुकने की व्यवस्था और कहां कहां घूमना चाहिए।

स्वर्ण मंदिर
स्वर्ण मंदिर

स्वर्ण मंदिर के दर्शन करने का बेस्ट समय कौनसा रहेगा?

स्वर्ण मंदिर जाने का सबसे सही समय होगा कि आप यहां सर्दियों के समय में जाएं। क्योंकि गर्मियों में मंदिर परिसर में लगे संगमरमर से आपको अत्यधिक गर्मी महसूस होगी।

अमृतसर स्वर्ण मंदिर कैसे पहुंचे?

स्वर्ण मंदिर पहुंचने के लिए आपको सबसे फल अमृतसर तक का रास्ता तय करना होगा। पहुंचने के लिए आपके पास 3 विकल्प हैं। पहला विकल्प है कि अगर आप ट्रेन से अमृतसर आते हैं तो यहां तक अलग अलग जगहों से काफी ट्रेन आती हैं। दूसरा विकल्प है बस। बस भी कई शहरों से अमृतसर के लिए चलती हैं। और अगर नही चलती है तो आप पहले दिल्ली आकर अमृतसर की बस ले सकते हैं। तीसरा विकल्प है फ्लाईट। अलग अलग शहरों से अमृतसर तक बहुत सारी डोमेस्टिक फ्लाइट्स चलती हैं, तो आप फ्लाइट से भी अमृतसर पहुंच सकते हैं।

अमृतसर से आगे का सफ़र?

अगर आप ट्रेन से अमृतसर पहुंचते हैं तो आपको पहले रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 1 से बाहर आना होगा। यहां पर आप को फ्री बस सर्विस मिलेगी जो कि आपको स्वर्ण मंदिर के परिसर के बाहर तक छोड़ेगी। ये बस हर आधे घंटे के अंतराल में आपको मिल जायेगी। इसके अलावा आप ऑटो से भी स्वर्ण मंदिर तक जा सकते हैं जिसका किराया लगभग 30 रुपए प्रति व्यक्ति आपको पड़ेगा।

बस या ऑटो वाला आपको मंदिर परिसर से आधे किलोमीटर पहले तक ही छोड़ेगा। इस जगह को Heritage Street कहा जाता है। यहां पर सभी दुकानें वगेरह आपको एक जैसे ही सिस्टमेटिक तरीके से देखने को मिलेगी।इसके साथ ही यहां पर आपको बहुत ज्यादा सफ़ाई देखने को मिलेगी। यहां से आपको स्वर्ण मंदिर तक का सफ़र पैदल ही तय करना होगा। इस बीच आपको यहां पर बहुत सी चीजें देखने को मिलेंगी।

स्वर्ण मंदिर के परिसर में पहुंचने पर आपको वहां लगभग हर चीज संगमरमर से बनी हुई मिलेगी चाहे वह फ्लोर हो या दीवार। मंदिर परिसर में आपको आपके जूते चप्पल व सामान रखने की फ्री लॉकर व्यवस्था दी जाएगी। इसके लिए आपको टोकन दिया जायेगा जिसे दिखाकर आप अपने सामान को वापस ले सकते हैं। एक बात का ध्यान रखें कि मंदिर में आपका सर किसी कपडे जैसे रुमाल से ढका होना चाहिए। अगर आपके पास कपड़ा नहीं है तो आपको वह भी मन्दिर परिसर में ही मिल जायेगा।

गुरुद्वारे में दर्शन की प्रक्रिया

स्वर्ण मंदिर अमृत सरोवर के बीचों बीच बना हुआ है। यहां आने वाले श्रद्धालु अमृत सरोवर में स्नान करके ही गुरु हर मंदर साहिब के दर्शन करते हैं। स्नान के लिए भी वहां पर चेंजिंग रूम जैसी उचित व्यवस्था की गई है। आप भी यहां आएं तो अमृत सरोवर में स्नान जरूर करें, उसके बाद ही गुरद्वारे में गुरु हर मंदर साहिब के दर्शन कीजिएगा।

इसके बाद जब आप गुरुद्वारे में दर्शन के लिए बडेंगे तो आपको गुरुद्वारे का मनमोहक नजारा देखने को मिलेगा। यह पूरा गुरुद्वारा सोने की चादरों से ढका हुआ है। यहां तक कि गुरुद्वारे के अंदर पंखे भी सोने की चादरों से ढके गए हैं। दर्शन के लिए आपको लाइन में खड़े रहना होगा जिसमे आपको कोई भी परेशानी नहीं होगी। अगर आप सुबह जल्दी दर्शन के लिए निकलते हैं तो आपको 1 घंटे के अंदर दर्शन का मौका मिल जायेगा पर वहीं देर में निकलने पर आपको 2 से 3 घण्टे भी लग सकते हैं। यहां पर मोबाइल या कैमरा आदि ले जाने पर कोई पाबंदी नहीं है, आप यहां फोटोग्राफी कर सकते हैं पर गुरुद्वारे के अंदर नहीं।

गुरु हर मंदर साहिब के दर्शन करके माथा टेकने पर आप पूरे गुरुद्वारे के अंदर घूम सकते हैं। यहां पर पूरे दिन भर गुरुवाणी चलती रहती है। गुरुद्वारे से बाहर आके आप इसकी परिक्रमा कर सकते हैं। परिक्रमा करते हुए आपको मंदिर परिसर में एक बेरी का पेड़ दिखने को मिलेगा। जब पर गुरु हर मंदर साहिब के गुरुद्वारे का निर्माण हो रहा था, तब बेरी बाबा ओढ़ा जी साहिब इस पेड़ के नीचे बैठकर निगरानी रखा करते थे।

परिक्रमा पूरी करके स्वर्ण मंदिर से बाहर आने के लिए आपको चारों तरफ़ ही गेट मिलेंगे। चारों दिशाओं में गेट होने का संकेत यह है कि स्वर्ण मंदिर में किसी भी समुदाय के लोगो के लिए किसी भी प्रकार की पाबंदी नहीं है और गुरु हर मंदर साहिब जी के दर्शन के लिए सभी के लिए द्वार खुले हुए हैं।

स्वर्ण मंदिर में खाने की व्यवस्था

अगर बात करें खाने की व्यवस्था की तो यहां गुरुद्वारे में लंगर चलते हैं, जिसमे आपको सुबह का नाश्ता, दिन का भोजन और साथ ही रात्रि का भोजन भी मिल जाता है। तो आप यही पर अपना भोजन प्रसाद के रूप में ग्रहण कर सकते हैं।

अमृतसर स्वर्ण मंदिर में कहां रुकें?

अब बात करें यहां ठहरने की तो अमृतसर ट्रस्ट की एक वेबसाइट है sgpcsarai.com जहां से आप अपने लिए रूम की ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं। यहां पर आपको फैमिली रूम लगभग 500 रुपए तक मिल जाएगा जो की AC room होता है। यहां पर चेक इन का टाइम एक दिन के 12 बजे से अगले दिन के 12 बजे तक होता है। अगर आप ऑनलाइन बुकिंग नहीं करा पाते हैं तो फिर आपको प्राइवेट होटल रूम लेना पड़ेगा, जिसकी कॉस्ट आपको 600-1000 रुपए तक मिल जायेगी। आपको यहां कम से कम 2 दिन का स्टे लेना चाहिए , यह आपको यहां घूमने के लिए पर्याप्त होंगे।

अमृतसर में आपको और कहां कहां घूमना चाहिए?

अगर बात करें कि अमृतसर में आपको और कहां कहां घूमना चाहिए तो पहले स्थान पर आता है दुर्गियाना मंदिर। यह स्वर्ण मंदिर से लगभग 4 किलोमीटर की दूरी पर है। यह दुर्गा मां का मंदिर है जो की एक सरोवर के बीचों बीच बना हुआ है। यह भी दिखने में स्वर्ण मंदिर जैसा ही दिखता है। स्वर्ण मंदिर से यहां तक जाने के लिए आपको ऑटो मिल जायेगा जो कि 30 रुपए प्रति व्यक्ति किराया लेगा।

जलियांवाला बाग –

दूसरा स्थान है जलियांवाला बाग। आप सभी ने इतिहास में तो इस जगह के बारे में जरूर सुना होगा की किस प्रकार जनरल डायर की क्रूरता के कारण बहुत से लोगों को अपनी जान गवानी पड़ी थी। आज भी यहां की दीवारों पर जनरल डायर द्वारा चलाई गई गोलियों के निशान मौजूद हैं। यहां पर एक गार्डन भी है और साथ ही जिस कुएं में लोगो ने कूदकर अपनी जान गवाई थी वह भी यहां पर आज भी मौजूद है। यहां पर किसी भी प्रकार की एंट्री फीस नहीं ली जाती है। तो आप यहां जाकर भी घूम सकते हैं।

वागा बॉर्डर –

अगला स्थान काफी प्रसिद्ध और महत्वपूर्ण है जो कि है वागा बॉर्डर। इसकी अमृतसर से दूरी लगभग 30 किलोमीटर है। यहां के लिए आपको टैक्सी या ट्रैवलर बस मिल जायेगी जिसका आने और जाने दोनों किराया लगभग 250 रुपए प्रति व्यक्ति तक होता है। यहां पहुंचने के लिए आपको दोपहर के लगभग 1 या 2 बजे निकल जाना चाहिए क्योंकि यहां पर आपको 3 बजे के बाद एंट्री नहीं मिल पाएगी। और अगर एंट्री मिल भी जाए तो वहां पर बैठने की सीट नहीं मिल पाएगी। वागा बॉर्डर इंडिया और पाकिस्तान के बीच में है जहां पर हर दिन परेड होती है और कई प्रकार के शोज भी यहां पर होते हैं, जिसका नज़ारा आपको देखने को मिलेगा। यहां पर भी आपसे कोई भी एंट्री फीस नहीं ली जाएगी।

कुल खर्चा कितना होगा?

अब बात करें खर्चे की तो अगर आप अमृतसर में 2 दिन रुकते हैं तो आपका कुल खर्चा केवल 1500 से 2000 रुपए के बीच ही आएगा।

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