बद्रीनाथ यात्रा कब करनी चाहिए?
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बद्रीनाथ यात्रा कब करनी चाहिए? | बद्रीनाथ की दूरी | कुल खर्चा

आज के इस लेख में हम बात करेंगे नर नारायण पर्वत के बीच में स्थित बद्रीनाथ धाम की जो कि भारत के चार धामों में से एक है और उत्तराखण्ड के चमोली जिले में स्थित है। हम आपको पूरी जानकारी देंगे कि आपको यहां कैसे जाना चाहिए, कब जाना चाहिए, यहां पर रहने और खाने पीने की क्या व्यवस्था होगी, और इस यात्रा का कुल खर्चा कितना आयेगा। इस जानकारी से आपको बद्रीनाथ धाम की यात्रा करने में मदद मिलेगी।

बद्रीनाथ यात्रा कब करनी चाहिए?
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बद्रीनाथ यात्रा कब करनी चाहिए?

बद्रीनाथ कैसे पहुंचे?

ट्रेन से बद्रीनाथ कैसे पहुचें?

अगर आप दूसरे राज्यों या शहरों से बद्रीनाथ धाम की यात्रा पर निकलते हैं तो आपके पास इसके लिए दो साधन है। पहला है बाय ट्रेन। यहां का सबसे नज़दीकी रेलवे स्टेशन हरिद्वार और ऋषिकेश है। यहां से आगे का सफर आपको बाय बस या टैक्सी से ही तय करना होगा।

फ्लाइट से बद्रीनाथ कैसे पहुचें?

दूसरा साधन है बाय फ्लाईट । यहां पर सबसे नज़दीकी एयरपोर्ट जौलीग्रांट है जो की देहरादून में स्थित है।

सड़क से बद्रीनाथ कैसे पहुचें?

देहरादून, हरिद्वार तथा ऋषिकेश से आगे का सफर आपको बस या टैक्सी से तय करना होगा जिसमे 8 से 10 घंटे का समय लग जाता है। बात करें बस के किराए की तो देहरादून या हरिद्वार से बद्रीनाथ तक लगभग 550 रुपए प्रति व्यक्ति तक होगा। यदि आपको डायरेक्ट बद्रीनाथ तक बस नही मिलती है तो आप जोशीमठ तक की बस ले सकते हैं।

जोशीमठ से बद्रीनाथ लगभग 45 किलोमीटर दूर है। ये दूरी आप टैक्सी से तय कर सकते हैं। जिसका किराया लगभग 100 रुपए प्रति व्यक्ति तक होता है। साथ ही अगर आप प्राइवेट टैक्सी बुक करते हैं तो इसका किराया लगभग 6000 से 7000 रुपए तक पड़ेगा।

बद्रीनाथ में रहने और खाने पीने की व्यवस्था?

बद्रीनाथ पहुंचने पर आपको यहां पर ठहरने के लिए 3 विकल्प मिल जायेंगे। पहला और सबसे सस्ता विकल्प है आश्रम जो की 24 घंटे का 100 से 200 रुपए तक चार्ज करते हैं। दूसरा विकल्प है GMVN का गेस्ट हाउस। यहां पर उत्तराखण्ड सरकार द्वारा डॉरमेटरी बनी हुई हैं जिनका किराया लगभग 50 रुपए प्रति बेड होता है।

तीसरा विकल्प है प्राईवेट होटल्स जहां पर आपको 500 से 1000 रुपए तक के रुम मिल जायेंगे। अब बात करें यहां पर खाने पीने की व्यवस्था की तो यहां पर आपको बहुत से रेस्टुरेंट मिल जायेंगे जहां पर आपको थाली सिस्टम से एक समय का खाना लगभग 80 से 150 रुपए तक मिल जायेगा।

बद्रीनाथ धाम में दर्शन कैसे करें?

अगर बात करें कि बद्रीनाथ में दर्शन की क्या प्रक्रिया होती है तो सबसे पहले आपको स्नान करना होता है। यहां पर मंदिर के पास में एक तप्तकुंड यानी गरम पानी का कुंड है जहां पर श्रद्धालु दर्शन करने से पहले स्नान करते हैं। इसके बाद आप दर्शन से पहले ध्यान रखें कि यहां पर किसी भी प्रकार का मोबाइल कैमरा आदि वर्जित है। दर्शन करने के बाद बाहर निकलने पर आपको यहां पर मिलेगा ब्रह्मकपाल जो की तप्तकुंड के पीछे स्थित है। यहां पर पिण्ड दान किया जाता है।

तप्तकुंड बद्रीनाथ चमोली
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तप्तकुंड बद्रीनाथ

बद्रीनाथ में स्टे प्लान और बद्रीनाथ जाने का बेस्ट समय?

बद्रीनाथ धाम के कपाट कब खुलते हैं?

बद्रीनाथ धाम के कपाट अक्षय तृतीया के अवसर पर यानी मई के महीने में खुलते हैं और कार्तिक पूर्णिमा यानी अक्टूबर के समय बंद किए जाते हैं। यानी यहां दर्शन के लिए 6 महीने का समय होता है। अगर आप भीड़ भाड़ से बचना चाहते हैं तो आपको यहां सितंबर अक्टूबर के समय जाना चाहिए क्योंकि इस समय यहां पर होटल वगेरह की कॉस्ट भी कम होती है और दर्शन में भी 3 से 4 घंटे का समय लग सकता है।

साथ ही मानसून में लैंडस्लाइड होने की वजह से यहां पर मार्ग बंद रहते हैं जिससे आपको यात्रा में परेशानी हो सकती है। अतः आप इस समय यहां पर जाना अवॉइड करें। अब बात करें स्टे प्लान की तो अगर आप चार धाम यात्रा के बजाय सिर्फ बद्रीनाथ धाम की यात्रा कर रहे हैं तो आपको 3 से 4 दिन का स्टे प्लान करना चाहिए। जिसमे 2 दिन आपको आने जाने में लगेंगे और बाकी 2 दिन आप बद्रीनाथ के दर्शन करके बाकी के स्थान भी घूम सकते हैं।

बद्रीनाथ धाम में घूमने के अन्य स्थान?

बद्रीनाथ यात्रा कब करनी चाहिए? | बद्रीनाथ की दूरी | कुल खर्चा
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बद्रीनाथ यात्रा कब करनी चाहिए? | बद्रीनाथ की दूरी | कुल खर्चा

हिंदुस्तान का अंतिम गांव माणा –

बद्रीनाथ में घूमने की दूसरी जगहों की बात करें तो सबसे पहले आता है भारत का आखिरी गांव यानि माणा जो कि बद्रीनाथ से 3 किलो मीटर की दूरी पर स्थित है। इस गांव के बाद इंडिया चाइना का बॉर्डर शुरू हो जाता है। यहां पर आपको काफी सुन्दर नजारा देखने को मिलेगा।

हिंदुस्तान का अंतिम गांव माणा
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हिंदुस्तान का अंतिम गांव माणा

भगवान विष्णु जी की चरण पादुका –

दूसरे स्थान की बात करे तो यह है भगवान विष्णु जी की चरण पादुका जो की बद्रीनाथ से ढाई किलो मीटर दूर पहाड़ी पर स्थित है। कहा जाता है कि जब विष्णु भगवान पहली बार धरती पर आए थे तो यही स्थान था जहां पर उन्होंने सबसे पहले अपने कदम रखे थे। तो आप यहां पर भी दर्शन कर सकते हैं।

व्यास गुफा बद्रीनाथ –

अगला स्थान है व्यास पोथी या व्यास गुफा। यहां पर व्यास जी का मंदिर व गुफा स्थित है जिसके भी आप दर्शन कर सकते हैं।
व्यास गुफा से थोड़ी ही दूर पर गणेश गुफा भी स्थित है ।

भीम पुल बद्रीनाथ –

भीम पुल जो कि भीम के द्वारा निर्मित है। कहा जाता है की जब पाण्डव स्वर्ग जा रहे थे तो सरस्वती नदी के बहाव के कारण वे इसे पार नहीं कर पा रहे थे। तब भीम ने एक बड़ी शीला के माध्यम से पुल का निर्माण किया था और सरस्वती नदी की पार किया था। साथ ही यहां पास में ही सरस्वती माता का मंदिर भी है जिसके आप दर्शन कर सकते हैं।

यहां से थोड़ा आगे जाने पर आपको हिंदुस्तान की अंतिम दुकान भी मिलेगी। यहां पर आप चाय नाश्ता कर सकते हैं और इसके साथ आप एक मेमोरी क्रिएट कर सकते हैं कि आप ऐसे किसी स्थान पर जा चुके हैं।

वसुधारा बद्रीनाथ –

वसुधारा माना गांव से 7 किमी के ट्रेक पर है जो माना गांव बद्रीनाथ से 2 किमी की दूरी पर स्थित है। राज्य परिवहन की बसें बद्रीनाथ और ऋषिकेश, जिसकी दूरी 280 किमी है के बीच नियमित रूप से चलते हैं। स्थानीय परिवहन संघ और राज्य परिवहन की बसें तथा टैक्सी बद्रीनाथ और ऋषिकेश (280 किमी), हरिद्वार (300 किमी), देहरादून (325 किलोमीटर) और दिल्ली (540 किमी) के बीच नियमित रूप से चलते हैं।

वसुधारा बद्रीनाथ
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वसुधारा बद्रीनाथ

बद्रीनाथ से केदारनाथ की दूरी?

केदारनाथ और बद्रीनाथ के बीच की कुल दूरी लगभग 243 किमी है। इसमें 16 किमी केदारनाथ ट्रेक और 5 किमी गौरीकुंड-सोनप्रयाग मार्ग भी शामिल है। और सड़क मार्ग से सोनप्रयाग से बद्रीनाथ की दूरी 222 किमी है। और इस यात्रा में लगने वाला समय लगभग 7 घंटे 33 मिनट का है। और यह आपके चलने की गति पर भी निर्भर करेगा।

केदारनाथ से बद्रीनाथ रूट मेप –

बद्रीनाथ से केदारनाथ का मुख्य मार्ग

  1. केदारनाथ → गौरीकुंड
  2. गोरीकुंड → सोनप्रयाग ->
  3. सोनप्रयाग → फाटा
  4. फाटा → गुप्तकाशी
  5. गुप्तकाशी → कुंड
  6. कुंड → चंद्रापुरी
  7. चंद्रापुरी → अगस्तमुनि
  8. अगस्तमुनि → तिलवाड़ा
  9. तिलवाड़ा → रुद्रप्रयाग
  10. रुद्रप्रयाग → गौचर
  11. गौचर → कर्णप्रयाग
  12. कर्णप्रयाग → चमोली
  13. चमोली → पीपलकोटि
  14. पीपलकोटि → जोशीमठ
  15. जोशीमठ → गोविंद घाट
  16. गोविंद घाट → बद्रीनाथ

Badrinath To Kedarnath Route Map PDF Download –

बद्रीनाथ यात्रा का कुल खर्चा?

अगर बात करें बद्रीनाथ में रहने और खाने पीने और घूमने के खर्चे की तो कुल खर्चा लगभग 3000 से 4000 प्रति व्यक्ति तक आयेगा।

बद्रीनाथ तक की दूरी ?

दिल्ली से बद्रीनाथ की दूरी?

533 किलोमीटर  NH 7 के द्वारा

ऋषिकेश से बद्रीनाथ की दूरी?

291.8 किलोमीटर  NH 7 के द्वारा

हरिद्वार से बद्रीनाथ की दूरी?

315.6 किलोमीटर NH 7 के द्वारा

देहरादून से बद्रीनाथ की दूरी?

328.4 किलोमीटर NH 7 के द्वारा

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